पथरी की समस्या को कम करने के कुछ प्रमुख घरेलू उपचार
पथरी एक गंभीर समस्या है जिसमें किडनी, मूत्राशय या मूत्र वाहिनी में छोटे-छोटे पथरी जैसे ठोस गठन बन जाते हैं। यह अत्यधिक पीड़ादायक हो सकता है और कई बार शल्य चिकित्सा की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि, कुछ घरेलू उपचार भी पथरी की समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। आइए हम पथरी के कुछ प्रमुख घरेलू उपचारों पर विस्तार से चर्चा करते हैं:
1. पानी का अधिक सेवन: पानी पीना पथरी से निजात पाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और पथरी के जम जाने की संभावना को भी कम करता है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।
2. बरगद के पत्तों का काढ़ा: बरगद के पत्तों में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और म्यूसिलेज पथरी को तोड़ने और शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। आप बरगद के पत्तों को उबालकर एक काढ़ा बना सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं।
3. आंवला जूस: आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पथरी के जमाव को कम करने में मदद करते हैं। आप आंवले का रस निकालकर इसका सेवन कर सकते हैं।
4. बासिल अर्क: बासिल अर्क में मौजूद फ़ैविकोल एसिड पथरी के जमाव को पिघलाने में मदद करता है। आप बासिल अर्क को दही या चाय में मिलाकर ले सकते हैं।
5. नींबू पानी: नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड और विटामिन सी पथरी के जमाव को तोड़ने और शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। आप गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर पी सकते हैं।
6. अजवाइन काढ़ा: अजवाइन में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पथरी से होने वाली पीड़ा को कम करने में मदद करते हैं। आप अजवाइन के दानों को उबालकर एक काढ़ा बना सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं।
7. गाजर का रस: गाजर में मौजूद विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स पथरी के जमाव को कम करने में मदद करते हैं। आप गाजर का रस निकालकर इसका सेवन कर सकते हैं।
8. होममेड पनीर: पनीर में मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन्स पथरी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। आप घर पर ही पनीर बना सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं।
9. सेब का सिरका: सेब के सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड पथरी को तोड़ने और शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिला सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं।
10. योग और प्राणायाम: कुछ विशेष योगासन जैसे भुजंगासन, पवनमुक्तासन और नौकासन पथरी की समस्या से निजात पाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम भी पथरी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
इन घरेलू उपचारों के अलावा, कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है जब आप पथरी से पीड़ित हों:
11. संतुलित आहार: एक संतुलित और पोषक आहार लेना बहुत जरूरी है। प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और फाइबर युक्त भोजन पथरी के जोखिम को कम करने में मदद करता है। सब्जियां, फल, अनाज, दाल का सेवन करें . प्रोसेस्ड और अधिक वसायुक्त भोजन से बचें।
12. शराब और धूम्रपान से बचें: शराब और धूम्रपान से पथरी के जोखिम बढ़ते हैं। इनसे पूरी तरह से दूर रहें।
13. आराम: पर्याप्त आराम और नींद लेना बहुत जरूरी है ताकि शरीर में पथरी से होने वाले तनाव से मुक्ति मिल सके। ज्यादा थकान से बचें।
14. कसरत: हल्की कसरत जैसे सैर या योग से शरीर में ऑक्सीजन और रक्त का संचालन बढ़ता है जो पथरी की समस्या को कम करने में मदद करता है। लेकिन अत्यधिक कसरत से बचें।
15. दवाइयां सावधानीपूर्वक लें: अगर आप किसी बीमारी के लिए दवाएं ले रहे हैं तो डॉक्टर से जरूर पूछें क्योंकि कुछ दवाइयों का पथरी पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
अगर इन घरेलू उपायों से राहत न मिले या समस्या गंभीर हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। कभी-कभी पथरी इतनी बड़ी हो जाती है कि उसे निकालने के लिए शल्य चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में डॉक्टर पथरी को तोड़ने या निकालने के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं।
16. लिथोट्रिप्सी: इसमें शॉकवेव्स का उपयोग करके पथरी को तोड़ा जाता है। तोड़े गए टुकड़े आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
17. यूरेटेरोस्कोपी: इस तकनीक में एक छोटा कैमरा और उपकरण मूत्र वाहिकाओं में डाला जाता है और पथरी को निकाला जाता है।
18. परक्युटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी: इस तकनीक में किडनी में छोटा छेद बनाया जाता है और पथरी को निकाला जाता है।
19. ओपन सर्जरी: बहुत बड़े आकार की पथरी के मामले में ओपन सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
पथरी के इलाज के दौरान बहुत सारा पानी पीना बहुत जरूरी है ताकि शरीर से पथरी के टुकड़े बाहर निकल सकें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों और आहार को भी निष्ठापूर्वक अपनाना चाहिए।
पथरी की समस्या को दूर करने के लिए, लंबे समय तक धैर्य और अनुशासन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। सही उपचार और जीवनशैली में बदलाव से आप पथरी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। समय रहते सावधानी बरतने और उचित देखभाल करने से पथरी होने से रोका जा सकता है या उसके दुबारा होने की संभावना को कम किया जा सकता है।